ह्म
न्य
कल्ज
की
तअलीम
तू
ज़्रूर
पाइ
ऊर
बी-अय
भी
पास
क्र
लीअ
लेक्न
इस
निस्फ़
स्दी
के
दुरान
मै
गुज़ानी
हास्ट्ल
मैं
दाख़्ल
हून्य
की
इजाज़्त
ह्मैन
सिर्फ़
एक
द्फ़ह
मिली।ख़ुदा
का
यिह
फ़्ज़्ल
ह्म
प्र
किस
त्र्ह
होअ? यिह
स्वाल
इक
दास्तान
का
मुह्ताज
हे।
ज्ब
ह्म
ने
इन्ट्र्न्स
पास
किअ
तो
म्क़ामी
स्कूल
के
हेद्मास्ट्र
साहिब
ख़ास
तोर
प्र
मुबार्क्बाद
देने
केलिए
आए्।
क़्रीबी
रिशत्
दारत
Monday, July 27, 2009
Patras Bukhari
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